Saturday, 14 November 2015

हम का वहम

सुंदरता की तलाश में चाहे हम
सारी दुनिया का चक्कर लगा
आएं,,,

लेकिन अगर वो
     हमारे अंदर नहीं है,
               तो कहीं नहीं …

गतिमान है काल का पहिया,
अनमोल समय न कर तू व्यर्थ,
सांस के रथ के रुकने से पहले,
ढूंढ ले अपने होने का अर्थ..!

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