मकर राशि में सूर्य का हो रहा प्रवेश..
संक्रांति काल लेकर आया पर्व विशेष !
उत्तर में खिचड़ी कहें दक्षिण में है पोंगल..
लोहड़ी जो पंजाब में असम में बीहू मंगल !
लकड़ी का एक ढेर हो शीत मिटाए आग ..
बैर कलुष जल खाक हों पर्व मनायें जाग !
मीठे गुड में तिल मिले नभ में उड़ी पतंग..
लोहड़ी की इस आग ने दिल में भरी उमंग !
दाने भुने मकई के भर रेवड़ियाँ थाल...
अंतर में उल्लास हो चमकें सबके भाल !
राधेश्याम विश्वकर्मा मुबंई
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